रांची में सबसे अच्छे रिस्ट जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन

कलाई का दर्द आपको थका रहा है?
फिर से खुलकर हिलाइए।

फ्यूज़न में जो हरकत छिन जाती है, उसे बचाइए। रूमेटॉइड आर्थराइटिस, ऑस्टियोआर्थराइटिस और चोट के बाद हुए आर्थराइटिस के लिए टोटल रिस्ट आर्थ्रोप्लास्टी, जो हाथ का दर्द रहित और लचीला इस्तेमाल लौटा देती है।

डॉ. अंकुर सौरव, रांची में रिस्ट रिप्लेसमेंट सर्जन
डॉ. अंकुर सौरव
एमबीबीएस, डिप्लोमा (ऑर्थोपेडिक्स), डीएनबी (ऑर्थोपेडिक सर्जरी)

जॉइंट रिप्लेसमेंट, आर्थ्रोस्कोपी और स्पाइन सर्जरी में फेलोशिप (जर्मनी)
एमबीबीएस गोल्ड मेडलिस्ट | अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित
रजि. नं. 5390 · झारखंड मेडिकल काउंसिल

+91 92418 91432

20+
साल का अनुभव
15,000+
सर्जरी
हरकत
बचाने वाला विकल्प
जर्मनी
फेलोशिप प्रशिक्षित
टोटल रिस्ट आर्थ्रोप्लास्टी

रिस्ट रिप्लेसमेंट, कुछ ज़रूरी जवाब

आर्थराइटिस का दर्द खत्म करती है और कलाई का मुड़ना भी बचाए रखती है, यही वह बात है जो फ्यूज़न नहीं दे पाता।

यह क्या है?

एक सर्जरी जिसमें आर्थराइटिस से खराब हुए रिस्ट जॉइंट को एक कृत्रिम इम्प्लांट से बदल दिया जाता है, जिससे दर्द खत्म होता है और हाथ की काम की हरकत बनी रहती है।

किसे ज़रूरत है?

जिन लोगों को कलाई का रूमेटॉइड या ऑस्टियोआर्थराइटिस है, या चोट के बाद आर्थराइटिस है, और जो जॉइंट को फ्यूज़ करने के बजाय हरकत बचाए रखना चाहते हैं।

रिकवरी का समय

कलाई को स्प्लिंट में रखा जाता है, फिर गाइडेड फिजियोथेरेपी होती है। 6 से 8 हफ़्तों में हल्का रोज़मर्रा का इस्तेमाल, और करीब 3 महीने में पूरी रिकवरी।

खर्च

इम्पोर्टेड इम्प्लांट के साथ करीब ₹1.5 से ₹3 लाख, जो बड़े महानगरों से कहीं ज़्यादा किफ़ायती है। बीमा और कैशलेस की सुविधा उपलब्ध।

रिस्ट आर्थ्रोप्लास्टी को समझें

रिस्ट जॉइंट रिप्लेसमेंट क्या है?

फ्यूज़न से अलग, यह कलाई के मुड़ने की हरकत बचाए रखता है।

रिस्ट जॉइंट रिप्लेसमेंट, जिसे टोटल रिस्ट आर्थ्रोप्लास्टी भी कहते हैं, घिस चुके रिस्ट जॉइंट की जगह एक कृत्रिम इम्प्लांट लगा देता है। एक हिस्सा रेडियस (बांह) में जमता है, दूसरा हाथ में, और दोनों के बीच एक चिकना स्पेसर रहता है ताकि कलाई फिर भी मुड़ और हिल सके।

इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि यह हरकत बचाए रखता है। इसका पुराना विकल्प, रिस्ट फ्यूज़न, दर्द तो पक्के तौर पर हटा देता है पर कलाई का मुड़ना हमेशा के लिए बंद कर देता है। जिन मरीज़ों को दर्द भरा रूमेटॉइड आर्थराइटिस या ऑस्टियोआर्थराइटिस है और जो रोज़मर्रा के कामों के लिए लचीलापन बनाए रखना चाहते हैं, उनके लिए रिप्लेसमेंट बेहतर बैठ सकता है।

यह एक खास तरह की, कम ज़ोर वाली सर्जरी है जो सोच-समझकर चुने गए मरीज़ों के लिए सबसे सही रहती है। फेलोशिप प्रशिक्षित जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन के तौर पर डॉ. अंकुर सौरव हर कलाई की अलग से जांच करते हैं और ईमानदारी से बताते हैं कि आपके लिए रिप्लेसमेंट ठीक रहेगा या फ्यूज़न।

जिन समस्याओं का इलाज होता है

जॉइंट रिप्लेसमेंट कब सोचा जाता है

यह सर्जरी उन दर्द भरी, घिस चुकी कलाइयों के लिए रखी जाती है जहां स्प्लिंट और दवाएं अब काम नहीं करतीं। जानिए यह कब सही बैठती है।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस

सूजन वाला आर्थराइटिस जो रिस्ट जॉइंट को नष्ट कर देता है और दर्द, सूजन और टेढ़ापन पैदा करता है। यह इस सर्जरी की सबसे आम वजह है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस

कलाई का घिसाव वाला आर्थराइटिस, जिसमें दवा और स्प्लिंट के बेअसर होने पर गहरा दर्द और हरकत का नुकसान होता है।

चोट के बाद का आर्थराइटिस

पुरानी कलाई की हड्डी टूटने या चोट के बाद पनपने वाला आर्थराइटिस, जो सालों में जॉइंट को अकड़ा और घिसा देता है।

लिगामेंट और कार्टिलेज का घिसाव

कार्टिलेज का बहुत ज़्यादा नुकसान और अस्थिरता (जैसे SLAC/SNAC रिस्ट) जिसने जॉइंट को इतना घिसा दिया हो कि आसान मरम्मत से बात न बने।

पहली सर्जरी नाकाम रहना

पहले हुई कलाई की सर्जरी के बाद बना रहने वाला दर्द, जिसे सही मरीज़ों में रिप्लेसमेंट से ठीक किया जाता है।

गंभीर अकड़न और दर्द

जॉइंट का इतना नुकसान कि कलाई मुश्किल से हिलती है और स्प्लिंट, दवा तथा फिजियोथेरेपी के बावजूद दर्द बना रहता है।

रिप्लेसमेंट या फ्यूज़न?

कलाई के आर्थराइटिस का दर्द
खत्म करने के दो रास्ते

रिप्लेसमेंट आपके लिए ठीक हो सकता है अगर

  • आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए कलाई की हरकत बनी रहना मायने रखता है
  • आपके हाथों पर कम ज़ोर पड़ता है (भारी मेहनत का काम नहीं)
  • आपको रूमेटॉइड आर्थराइटिस है या दोनों कलाइयां प्रभावित हैं
  • आपकी हड्डी और आसपास के ऊतक इम्प्लांट के लिए काफ़ी अच्छे हैं

रिस्ट फ्यूज़न बेहतर हो सकता है अगर

  • आप भारी मेहनत का काम करते हैं या ज़्यादा से ज़्यादा पकड़ की ताकत चाहिए
  • हड्डी इतनी घिस चुकी है कि इम्प्लांट को सहारा नहीं दे सकती
  • आप सबसे टिकाऊ और कम देखभाल वाला हल चाहते हैं
  • आप एक बहुत मज़बूत, दर्द रहित जॉइंट के बदले कलाई की हरकत छोड़ने को तैयार हैं

दोनों ऑपरेशन दर्द में अच्छी राहत देते हैं, असली फ़र्क हरकत का है। रिप्लेसमेंट कलाई का मुड़ना बचाए रखता है पर इसमें वज़न उठाने की एक सीमा हमेशा रहती है। फ्यूज़न बेहद मज़बूत होता है पर कलाई का हिलना रोक देता है। डॉ. सौरव दोनों को ईमानदारी से समझाते हैं और आपकी ज़िंदगी तथा आपके हाथों के हिसाब से सही चुनने में मदद करते हैं।

सर्जरी के प्रकार

कलाई की सर्जरी के विकल्प

टोटल रिस्ट रिप्लेसमेंट

घिस चुके रिस्ट जॉइंट के दोनों सिरों को इम्प्लांट से नया रूप दिया जाता है, जिससे दर्द खत्म होता है और काम की मुड़ने वाली हरकत बनी रहती है। यही मुख्य हरकत बचाने वाला विकल्प है।

रिस्ट फ्यूज़न (आर्थ्रोडेसिस)

कलाई की हड्डियों को एक ठोस, दर्द रहित इकाई में जोड़ दिया जाता है। इससे हरकत खत्म हो जाती है पर बेहतरीन टिकाऊपन और पकड़ मिलती है, जो ज़्यादा इस्तेमाल वाले हाथों के लिए आदर्श है।

आंशिक कलाई प्रक्रियाएं

सीमित फ्यूज़न या कार्पल सर्जरी, जो कलाई के एक घिसे हिस्से का इलाज करती है और बाकी को बचाए रखती है। यह शुरुआती दौर के आर्थराइटिस के लिए चुनी जाती है।

रिवीज़न सर्जरी

पहले लगे घिसे, ढीले या नाकाम रिस्ट इम्प्लांट को नए इम्प्लांट से बदलकर, या ज़रूरत पड़ने पर उसे फ्यूज़न में तब्दील करके एक स्थिर, दर्द रहित कलाई लौटाना।

प्रक्रिया

रिस्ट आर्थ्रोप्लास्टी
सर्जरी कैसे होती है

1

सर्जरी से पहले जांच, यानी एक्स-रे, कभी-कभी सीटी स्कैन, खून की जांच और फिटनेस का आकलन, जो जॉइंट के नुकसान की पुष्टि करते हैं।

2

भर्ती और एनेस्थीसिया, आमतौर पर एक रीजनल नर्व ब्लॉक, साथ में सिडेशन या जनरल एनेस्थीसिया।

3

कलाई के पिछले हिस्से पर सावधानी से चीरा, जिसमें टेंडन और नसों की रक्षा की जाती है।

4

खराब जॉइंट हटाया जाता है, रेडियस और कार्पल हड्डियों के घिसे सिरों को तैयार किया जाता है।

5

इम्प्लांट लगाया जाता है, रेडियल और कार्पल हिस्से बीच में एक चिकने स्पेसर के साथ जमाए जाते हैं।

6

सर्जरी के दौरान हरकत और संतुलन की जांच, ताकि पक्का हो कि मुड़ना चिकना और स्थिर है।

7

कलाई को स्प्लिंट में रखकर ऊंचा किया जाता है, और हाथ तथा उंगलियों की हरकत जल्दी शुरू करवाई जाती है।

8

1 से 2 दिन में छुट्टी, एक व्यवस्थित फिजियोथेरेपी और रिकवरी योजना के साथ।

इस प्रक्रिया में आमतौर पर करीब 60 से 90 मिनट लगते हैं। डॉ. सौरव अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी के इम्पोर्टेड इम्प्लांट इस्तेमाल करते हैं और सावधान तकनीक से टेंडन की रक्षा करते हैं।

रिकवरी

प्रक्रिया के बाद रिकवरी

हफ़्ता 0 से 2

कलाई को स्प्लिंट में आराम देकर ऊंचा रखा जाता है। उंगलियों और हाथ की हरकत करवाई जाती है। दर्द दवा से संभाला जाता है।

हफ़्ता 2 से 6

गाइडेड फिजियोथेरेपी कलाई की हल्की हरकत शुरू करती है। खाने और लिखने जैसे हल्के रोज़मर्रा के काम लौट आते हैं।

हफ़्ता 6 से 12

हरकत और ताकत बढ़ती है। वज़न उठाने की सीमा के भीतर हाथ का रोज़मर्रा का हल्का इस्तेमाल फिर से शुरू होता है।

3 महीने के बाद

ज़्यादातर मरीज़ों की पूरी काम-लायक रिकवरी, यानी हाथ का दर्द रहित और लचीला रोज़मर्रा इस्तेमाल।

इम्प्लांट की रक्षा के लिए मरीज़ ऑपरेशन वाली कलाई से भारी वज़न उठाने और ज़ोर वाले इस्तेमाल से बचते हैं। इसके भीतर ज़्यादातर लोग आरामदायक, लचीली रोज़मर्रा की हरकत का मज़ा लेते हैं।

तैयारी और सुरक्षा

कलाई की सर्जरी की तैयारी

सावधान तैयारी और सख्त सुरक्षा नियम सबसे बेहतर और सुरक्षित नतीजा देते हैं।

आपकी सर्जरी से पहले

कलाई की सर्जरी से पहले डॉ. सौरव की टीम पूरी जांच करती है, जिसमें एक्स-रे और कभी-कभी सीटी स्कैन, खून की जांच तथा फिटनेस और एनेस्थीसिया का आकलन शामिल है, ताकि निदान पक्का हो और आप तैयार हों। डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी जैसी लंबी चलने वाली समस्याओं को पहले संभाला जाता है, और आपको साफ़-साफ़ बताया जाता है कि कौन सी दवाएं (जैसे खून पतला करने वाली) रोकनी हैं और भर्ती से पहले खाना कब बंद करना है।

सर्जरी के दिन प्रक्रिया, अस्पताल में रहने की उम्मीद और रिकवरी योजना दोबारा समझाई जाती है ताकि आप और आपके परिवार को ठीक-ठीक पता रहे कि क्या होने वाला है, और साथ में पहले ही एक साफ़, विस्तृत खर्च का अनुमान दिया जाता है, कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं।

आपकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होती है

आपकी कलाई की सर्जरी एक समर्पित, रोगाणुरहित ऑपरेशन थिएटर में की जाती है, जहां अनुभवी एनेस्थीसिया टीम और सख्त संक्रमण नियंत्रण नियम होते हैं। कलाई के आसपास के टेंडन को पूरे समय बचाया जाता है ताकि हरकत बनी रहे। खून के थक्के (DVT) से बचाव, ऊतकों की सावधान देखभाल और अच्छी क्वालिटी के इम्पोर्टेड इम्प्लांट जोखिम को और घटाते हैं तथा आपके नतीजे की रक्षा करते हैं।

डॉ. सौरव खुद आपकी रिकवरी देखते हैं, और घर जाने के बाद भी किसी भी चिंता के लिए मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल की टीम आपके संपर्क में रहती है। गंभीर दिक्कतें कम ही होती हैं, और किसे सचमुच सर्जरी की ज़रूरत है यह ईमानदारी और सावधानी से तय करना ही सबसे अहम सुरक्षा कदमों में से एक है।

पारदर्शी खर्च

रिस्ट रिप्लेसमेंट सर्जरी का खर्च

सर्जरी का खर्च इन बातों पर निर्भर करता है:

करीब ₹1.5 से ₹3 लाख
यह एक अनुमानित दायरा है जो इस पर निर्भर करता है कि रिप्लेसमेंट होता है या फ्यूज़न, इम्पोर्टेड इम्प्लांट का ब्रांड, अस्पताल की श्रेणी और रहने की अवधि। समान इम्पोर्टेड इम्प्लांट के लिए यह दिल्ली या मुंबई से कहीं ज़्यादा किफ़ायती है। भर्ती से पहले एक विस्तृत, पारदर्शी ब्योरा दिया जाता है, कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं।
प्रक्रिया, यानी टोटल रिप्लेसमेंट, फ्यूज़न या आंशिक सर्जरी
इम्पोर्टेड इम्प्लांट या फिक्सेशन हार्डवेयर
अस्पताल और कमरे की श्रेणी
सर्जन और एनेस्थीसिया की फ़ीस
अस्पताल में रहने की अवधि (आमतौर पर 1 से 2 दिन) और फिजियोथेरेपी
स्वास्थ्य बीमा कवरेज और कैशलेस सुविधा

ज़्यादातर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां इस प्रक्रिया को कवर करती हैं, और मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल में कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

मरीज़ डॉ. सौरव को क्यों चुनते हैं

कलाई की सर्जरी के लिए मरीज़ डॉ. अंकुर सौरव को क्यों चुनते हैं

रिस्ट आर्थ्रोप्लास्टी एक खास सर्जरी है, और डॉ. सौरव जर्मनी की फेलोशिप ट्रेनिंग को ईमानदार, मरीज़ को पहले रखने वाली सलाह के साथ जोड़ते हैं।

फेलोशिप प्रशिक्षित

जर्मनी से जॉइंट रिप्लेसमेंट, आर्थ्रोस्कोपी और स्पाइन सर्जरी में फेलोशिप, 15,000+ प्रक्रियाओं का अनुभव और पूरे झारखंड में मरीज़ों का भरोसा।

हरकत बचाने वाला

जहां आपके लिए सही हो, वहां सिर्फ़ फ्यूज़न नहीं, बल्कि कलाई की हरकत बचाने के लिए रिप्लेसमेंट भी देते हैं।

ईमानदार सलाह

रिप्लेसमेंट बनाम फ्यूज़न पर सीधी सलाह, जो इस बात को तौलकर दी जाती है कि आप अपने हाथ असल में कैसे इस्तेमाल करते हैं, कभी भी एक जैसा जवाब सबके लिए नहीं।

सीधे सर्जन से संपर्क

पहली मुलाकात से लेकर हर रिकवरी जांच तक ऑपरेशन करने वाले सर्जन से खुद सलाह, जूनियर स्टाफ़ के हवाले नहीं।

इम्पोर्टेड इम्प्लांट

पारदर्शी दाम के साथ अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी के इम्प्लांट और हार्डवेयर।

कैशलेस बीमा

मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की सुविधा।

इनसे जुड़ी प्रक्रियाएं: एल्बो रिप्लेसमेंट · शोल्डर रिप्लेसमेंट · स्पोर्ट्स इंजरी और आर्थ्रोस्कोपी

मरीज़ों के रिव्यू

Google पर मरीज़ों की 4.9★ रेटिंग

4.9226 Google रिव्यू
Dr. Ankur Saurav is a very good and experienced doctor. He listened patiently, explained the problem clearly, and guided us with the right treatment. The behaviour was very polite and caring. We are thankful for the support.
aman kumarGoogle · जून 2026
Despaired after my accident, Dr. Ankur Saurav gave me hope and bolstered my confidence to work again like pre-accident.
Sandeep BiswasGoogle · जून 2026
My nerve problem is cured properly. Very thankful to Dr. Ankur Saurav.
Rewa MahtoGoogle · जून 2026
Improvement is very fast through the doctor. Excellent orthopedic care.
Sudhir SrivastavaGoogle · जून 2026
Very good doctor. Recovery rate very fast.
Sandeep KumarGoogle · जून 2026
Ankur sir is a great doctor. Fully satisfied with the treatment.
Sujeet KumarGoogle · अगस्त 2026
Very good doctor. Highly recommended in Ranchi.
Mosanna Hasan KhanGoogle · जून 2026
Good treatment, thank you so much.
Mobassir ShaikhGoogle · अगस्त 2026
ऑपरेशन थिएटर में कलाई की सर्जरी करते डॉक्टर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रिस्ट रिप्लेसमेंट के
सवाल, उनके जवाब।

रिस्ट रिप्लेसमेंट और रिस्ट फ्यूज़न में क्या फ़र्क है?
दोनों ऑपरेशन आर्थराइटिस के दर्द में अच्छी राहत देते हैं। रिस्ट आर्थ्रोप्लास्टी जॉइंट को इम्प्लांट से नया रूप देती है और कलाई का मुड़ना बचाए रखती है, पर इसमें वज़न उठाने की एक सीमा हमेशा रहती है। रिस्ट फ्यूज़न हड्डियों को एक ठोस, दर्द रहित इकाई में जोड़ देता है, जो बहुत टिकाऊ और मज़बूत पकड़ वाला होता है, पर कलाई फिर मुड़ती नहीं। सही चुनाव इस पर निर्भर करता है कि आप अपने हाथ कैसे इस्तेमाल करते हैं।
रिस्ट रिप्लेसमेंट के लिए अच्छा मरीज़ कौन है?
यह प्रक्रिया उन कम ज़ोर वाले मरीज़ों के लिए सही है जो कलाई की हरकत बचाए रखना चाहते हैं, अक्सर वे जिन्हें रूमेटॉइड आर्थराइटिस है या दोनों कलाइयां प्रभावित हैं, और जिनकी हड्डी इम्प्लांट को सहारा देने लायक हो। जो लोग भारी मेहनत का काम करते हैं या ज़्यादा से ज़्यादा पकड़ चाहते हैं, उनके लिए आमतौर पर फ्यूज़न बेहतर रहता है। डॉ. सौरव आपकी कलाई की जांच के बाद सबसे अच्छे विकल्प की सलाह देते हैं।
रिस्ट इम्प्लांट कितने साल चलता है?
आधुनिक रिस्ट इम्प्लांट वज़न उठाने की सीमाओं का ध्यान रखने पर आमतौर पर 10 से 15 साल या उससे ज़्यादा चलते हैं। अगर कभी इम्प्लांट घिस जाए या ढीला हो जाए, तो उसका रिवीज़न किया जा सकता है या उसे फ्यूज़न में बदला जा सकता है।
क्या सर्जरी के बाद वज़न उठाने पर पाबंदी रहेगी?
हां। इम्प्लांट की रक्षा के लिए आप जीवनभर ऑपरेशन वाली कलाई से भारी वज़न उठाने और ज़ोर वाले इस्तेमाल से बचते हैं। इसके भीतर कलाई लिखने, खाने, कपड़े पहनने और हल्के काम जैसे रोज़मर्रा के कामों के लिए आरामदायक और लचीली बनी रहती है।
क्या सर्जरी में दर्द होता है?
एनेस्थीसिया के तहत सर्जरी दर्द रहित होती है, और ऑपरेशन के बाद का दर्द दवा और नर्व ब्लॉक से अच्छी तरह संभाल लिया जाता है। ज़्यादातर मरीज़ पहले कुछ हफ़्तों में घाव भरने के साथ अपने आर्थराइटिस के दर्द में बड़ी राहत महसूस करते हैं।
सर्जरी के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है?
कलाई को थोड़े समय के लिए स्प्लिंट में रखा जाता है, फिर गाइडेड फिजियोथेरेपी हरकत लौटाती है। हल्का रोज़मर्रा का इस्तेमाल 6 से 8 हफ़्तों में लौट आता है, और पूरी काम-लायक रिकवरी करीब 3 महीने में होती है।
रांची में रिस्ट जॉइंट रिप्लेसमेंट का खर्च कितना है?
कलाई की सर्जरी आमतौर पर करीब ₹1.5 से ₹3 लाख के बीच होती है, जो इस पर निर्भर करता है कि रिप्लेसमेंट होता है या फ्यूज़न, इम्पोर्टेड इम्प्लांट का ब्रांड और अस्पताल की श्रेणी। यह वही प्रक्रिया दिल्ली या मुंबई में कराने से कहीं ज़्यादा किफ़ायती है। भर्ती से पहले एक पारदर्शी, विस्तृत अनुमान दिया जाता है।
क्या रिस्ट रिप्लेसमेंट स्वास्थ्य बीमा में कवर होता है?
हां। भारत में ज़्यादातर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां यह प्रक्रिया और फ्यूज़न दोनों को कवर करती हैं। मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल बड़े बीमा कंपनियों के साथ कैशलेस सुविधा देता है और सारे कागज़ी काम तथा पूर्व-अनुमति में मदद करता है।
सर्जरी के जोखिम या दिक्कतें क्या हैं?
यह प्रक्रिया आमतौर पर सुरक्षित है, पर किसी भी इम्प्लांट की तरह इसमें कुछ जोखिम रहते हैं, जैसे संक्रमण, टेंडन में जलन, समय के साथ इम्प्लांट का ढीला होना या घिसना, और फ्यूज़न के मुक़ाबले पकड़ की ताकत कम होना। इन्हें सावधान तकनीक और वज़न उठाने की सीमाओं का ध्यान रखकर कम किया जाता है। अगर कभी इम्प्लांट ढीला हो जाए, तो उसका रिवीज़न किया जा सकता है या उसे रिस्ट फ्यूज़न में बदला जा सकता है। डॉ. सौरव सर्जरी से पहले आपकी कलाई के लिए ख़ास जोखिम समझाते हैं।
क्या मैं काम और रोज़मर्रा की गतिविधियों पर लौट पाऊंगा?
हां, हल्के और रोज़मर्रा के कामों के लिए। डेस्क और हल्का काम अक्सर कुछ ही हफ़्तों में शुरू हो जाता है, और लिखना, खाना, कपड़े पहनना तथा फ़ोन इस्तेमाल करना जैसे काम हरकत और आराम बढ़ने के साथ 6 से 8 हफ़्तों में लौट आते हैं। इम्प्लांट की रक्षा के लिए ऑपरेशन वाली कलाई से भारी वज़न उठाना, ज़ोर वाला इस्तेमाल और बार-बार भारी पकड़ जीवनभर टाला जाता है, और यही वजह है कि कुछ ज़्यादा इस्तेमाल वाले मरीज़ इसके बजाय फ्यूज़न चुनते हैं।

या डॉक्टर की राय के लिए अपना एक्स-रे WhatsApp करें

कलाई के दर्द के साथ जी रहे हैं?

एक दर्द रहित, लचीली कलाई।
विशेषज्ञ देखभाल।

सही जांच से तय होता है कि आपके लिए रिप्लेसमेंट, फ्यूज़न या कोई आसान इलाज सही है। डॉ. अंकुर सौरव से मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल, रांची में मिलें, या WhatsApp पर तुरंत जुड़ें।

मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल प्रा. लि.

पता

SubPlot No.2703/1 and 2703/2, Plot No. 2703, Booty Rd, near Suryodaya Apartment, Vijay Nagar, Bariatu, Ranchi, Jharkhand 834012

फ़ोन और WhatsApp

+91 92418 91432

क्लिनिक का समय

सोमवार से शनिवार: सुबह 10:00 से शाम 7:00
रविवार: सुबह 10:00 से शाम 4:00

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