रांची में सबसे अच्छे आर्थ्रोस्कोपी सर्जन
जोड़ों का दर्द, बिना बड़े चीरे के?
की-होल सर्जरी।
नाखून से भी छोटे चीरों के ज़रिए जोड़ के अंदर देखकर उसका इलाज। यह घुटने, कंधे और दूसरे जोड़ों की जाँच और मरम्मत करती है, वो भी खुली सर्जरी के मुक़ाबले कम दर्द, कम जोखिम और तेज़ रिकवरी के साथ।

जॉइंट रिप्लेसमेंट, आर्थ्रोस्कोपी और स्पाइन सर्जरी में फेलोशिप (जर्मनी)
एमबीबीएस गोल्ड मेडलिस्ट | अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित
रजि. नं. 5390 · झारखंड मेडिकल काउंसिल
+91 92418 91432
आर्थ्रोस्कोपी, कुछ ज़रूरी बातें
“एक नन्हा कैमरा। एक बड़ा फ़र्क़।”
यह है क्या?
की-होल सर्जरी, जिसमें पेंसिल जितने पतले कैमरे (आर्थ्रोस्कोप) और बारीक औज़ारों से जोड़ के अंदर देखकर उसका इलाज किया जाता है, वो भी सिर्फ़ दो-तीन छोटे-से चीरों के ज़रिए।
कौन-से जोड़?
ज़्यादातर घुटना और कंधा, और साथ ही कोहनी, कूल्हा, टखना और कलाई भी, टियर, ढीले टुकड़े, कार्टिलेज की क्षति और जकड़न जैसी दिक्कतों के लिए।
रिकवरी का समय
आमतौर पर डे-केयर या एक रात का ठहराव। उसी दिन चलना-फिरना, और खुली सर्जरी के मुक़ाबले काम पर तेज़ वापसी, हालाँकि सही समय इस पर निर्भर करता है कि क्या किया गया।
खर्च
जोड़ और प्रक्रिया के हिसाब से लगभग ₹60,000 से 1.8 लाख, बड़े शहरों के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा किफ़ायती। बीमा और कैशलेस सुविधा उपलब्ध।
आर्थ्रोस्कोपी क्या है?
“अंदर तक देखें। ठीक-ठीक इलाज करें। जल्दी ठीक हों।”
आर्थ्रोस्कोपी जोड़ों की की-होल सर्जरी है। नाखून से भी छोटे चीरे के ज़रिए सर्जन आर्थ्रोस्कोप नाम की पेंसिल जितनी पतली दूरबीन अंदर पहुँचाते हैं, जो जोड़ के अंदर की साफ़ और बड़ी की हुई तस्वीर स्क्रीन पर भेजती है। फिर एक-दो और छोटे चीरों से डाले गए बारीक औज़ार समस्या को ठीक कर देते हैं, वो भी जोड़ को खोले बिना।
इसका इस्तेमाल जाँच के लिए भी होता है, जब स्कैन साफ़ न हों तो असली दिक्कत पक्की करने के लिए, और इलाज के लिए भी, जैसे फटे एसीएल की दोबारा बनावट, मेनिस्कस या रोटेटर कफ की मरम्मत, ढीले टुकड़े निकालना, कार्टिलेज को चिकना करना, जकड़े जोड़ को खोलना या बार-बार उतरते कंधे को स्थिर करना।
चूँकि जोड़ को बहुत कम छेड़ा जाता है, इसलिए की-होल तरीक़े का मतलब है परंपरागत खुली सर्जरी के मुक़ाबले कम दर्द, संक्रमण का कम जोखिम, छोटे निशान और तेज़ रिकवरी। ज़्यादातर प्रक्रियाएँ डे-केयर होती हैं या सिर्फ़ एक रात के ठहराव में हो जाती हैं।
आर्थ्रोस्कोपी से इलाज होने वाले जोड़ और समस्याएँ
एक बहुपयोगी तकनीक, जो शरीर के अलग-अलग जोड़ों पर काम आती है।
घुटना
एसीएल की दोबारा बनावट, मेनिस्कस की मरम्मत या ट्रिमिंग, कार्टिलेज सर्जरी और ढीले टुकड़ों को निकालना। घुटना आर्थ्रोस्कोपी में सबसे आम जोड़ है। एसीएल · मेनिस्कस
कंधा
रोटेटर कफ की मरम्मत, कंधे को स्थिर करना, SLAP और लेब्रल मरम्मत, और जमे हुए कंधे को खोलना। रोटेटर कफ · कंधा उतरना
कोहनी
ढीले टुकड़े निकालना, जकड़न और ज़िद्दी टेनिस एल्बो का इलाज, और कार्टिलेज की समस्याएँ। और जानें
कूल्हा
कूल्हे के फटे लेब्रम की मरम्मत और युवा, सक्रिय मरीज़ों में इंपिंजमेंट (FAI) का इलाज। कूल्हे का लेब्रल टियर
टखना
टखने के इंपिंजमेंट, कार्टिलेज की चोटों और मोच व फ्रैक्चर के बाद रह गए ढीले टुकड़ों का इलाज।
जाँच वाली आर्थ्रोस्कोपी
जब इतिहास, जाँच और स्कैन से साफ़ जवाब न मिले, तब जोड़ के अंदर सीधे देखकर निदान पक्का करना।
आर्थ्रोस्कोपी क्यों,
खुली सर्जरी क्यों नहीं
की-होल सर्जरी के फ़ायदे
- छोटे चीरे, छोटे निशान और ऊतकों को बहुत कम नुकसान
- खुली सर्जरी के मुक़ाबले कम दर्द और संक्रमण का कम जोखिम
- आमतौर पर डे-केयर या एक रात का ठहराव
- पूरे जोड़ का बड़ा किया हुआ, सटीक दृश्य
- काम, रोज़मर्रा की ज़िंदगी और खेल में तेज़ वापसी
जब खुली सर्जरी फिर भी ज़रूरी हो
- बहुत बड़े या पेचीदा टियर, जहाँ की-होल से पहुँचना मुमकिन न हो
- बड़े फ्रैक्चर या जोड़ की दोबारा बनावट
- बढ़े हुए गठिया में जोड़ बदलना
- कुछ रिवीज़न या सालवेज प्रक्रियाएँ
की-होल सर्जरी एक ज़रिया है, हर मर्ज़ की दवा नहीं। डॉ. सौरव इसकी सलाह तभी देते हैं जब यह वाक़ई आपके जोड़ के लिए सबसे बेहतर विकल्प हो, और उतनी ही ईमानदारी से बता देते हैं जब फिजियोथेरेपी, या कभी-कभार खुली सर्जरी आपके लिए बेहतर रहेगी।
यह प्रक्रिया कैसे
काम करती है, कदम दर कदम
आकलन: जाँच और स्कैन (एक्स-रे, एमआरआई) से प्रक्रिया की योजना बनती है और पक्का होता है कि की-होल सर्जरी आपके लिए सही है।
एनेस्थीसिया: स्पाइनल, जनरल या रीजनल, जो जोड़ और आपकी सहूलियत के हिसाब से चुना जाता है।
की-होल पोर्टल: जोड़ के आसपास नाखून से छोटे दो या तीन चीरे बनाए जाते हैं।
कैमरा डाला जाना: आर्थ्रोस्कोप जोड़ का बड़ा किया हुआ, रीयल-टाइम दृश्य स्क्रीन पर दिखाता है।
सटीक इलाज: बारीक औज़ार ठीक वहीं मरम्मत, दोबारा बनावट, ट्रिमिंग या रिलीज़ करते हैं जहाँ ज़रूरत हो।
पोर्टल बंद करना: छोटे चीरे कम से कम टाँकों और हल्की पट्टी से बंद कर दिए जाते हैं।
उसी दिन चलना-फिरना: ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन उठ जाते हैं और अक्सर उसी या अगले दिन घर चले जाते हैं।
निर्देशित पुनर्वास: जोड़ और प्रक्रिया के हिसाब से बनी फिजियोथेरेपी योजना पूरी कार्यक्षमता लौटाती है।
जाँच वाली आर्थ्रोस्कोपी में 20 से 30 मिनट लगते हैं, जबकि एसीएल सर्जरी जैसी दोबारा बनावट में 60 से 90 मिनट। इसके बाद का पुनर्वास इस बात पर निर्भर करता है कि क्या किया गया।
रांची में आर्थ्रोस्कोपी का खर्च
आर्थ्रोस्कोपी का खर्च इन बातों पर निर्भर करता है:
ज़्यादातर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियाँ आर्थ्रोस्कोपी सर्जरी को कवर करती हैं, और मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल में कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
आर्थ्रोस्कोपी की तैयारी
सावधानी से की गई तैयारी और सख़्त सुरक्षा नियम सबसे अच्छा और सबसे सुरक्षित नतीजा देते हैं।
आपकी सर्जरी से पहले
प्रक्रिया से पहले डॉ. सौरव जाँच और सही स्कैन से निदान पक्का करते हैं, और पहले किसी भी तेज़ सूजन को ठीक कर लेते हैं। खून की जाँच और फ़िटनेस व एनेस्थीसिया आकलन यह पक्का करते हैं कि आप तैयार हैं, और आपको साफ़-साफ़ बता दिया जाता है कि कौन-सी दवाएँ रोकनी हैं और भर्ती से पहले खाना कब बंद करना है।
चूँकि की-होल सर्जरी में जोड़ के अंदर कभी-कभी स्कैन से ज़्यादा भी दिख जाता है, इसलिए संभावित नतीजे और इलाज पहले ही समझा दिए जाते हैं ताकि कोई हैरानी न हो, वो भी पारदर्शी, मद-दर-मद खर्च अनुमान के साथ और बिना किसी छिपे शुल्क के।
आपकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होती है
आपकी सर्जरी एक अलग, रोगाणुरहित ऑपरेशन थिएटर में की जाती है, जहाँ अनुभवी एनेस्थीसिया टीम और सख़्त संक्रमण-नियंत्रण नियम होते हैं। की-होल पोर्टल का मतलब है ऊतकों में बहुत कम गड़बड़ी और संक्रमण का बहुत कम जोखिम, और खून के थक्के (DVT) से बचाव व सावधान तकनीक आपके नतीजे को और सुरक्षित बनाते हैं।
डॉ. सौरव आपकी रिकवरी और पुनर्वास की ख़ुद देखरेख करते हैं, और घर लौटने के बाद भी मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल की टीम किसी भी चिंता के लिए उपलब्ध रहती है। सही मरीज़ के लिए सही प्रक्रिया चुनना, यही सबसे अहम सुरक्षा कदम माना जाता है।
आर्थ्रोस्कोपी के लिए मरीज़ डॉ. अंकुर सौरव को क्यों चुनते हैं
जर्मनी में फेलोशिप प्रशिक्षण और सटीक की-होल तकनीक के साथ, डॉ. सौरव रांची और झारखंड भर के मरीज़ों को बड़े शहर गए बिना विश्व-स्तरीय आर्थ्रोस्कोपी देते हैं।
की-होल में महारत
घुटना, कंधा, कोहनी और कूल्हे की आर्थ्रोस्कोपी में फेलोशिप प्रशिक्षित।
जर्मनी फेलोशिप
कम चीर-फाड़ वाली जोड़ सर्जरी में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण।
ईमानदार सलाह
की-होल सर्जरी की सलाह तभी, जब यह वाक़ई सबसे बेहतर विकल्प हो।
तेज़ रिकवरी
छोटे चीरे और सटीक तकनीक, ताकि रिकवरी जल्दी और आसान हो।
अच्छी गुणवत्ता के इम्प्लांट
अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के ग्राफ्ट और एंकर, पारदर्शी कीमत के साथ।
कैशलेस बीमा
मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा।
स्पोर्ट्स इंजरी और आर्थ्रोस्कोपी का हिस्सा · एसीएल · मेनिस्कस · रोटेटर कफ
Dr. Ankur Saurav is a very good and experienced doctor. He listened patiently, explained the problem clearly, and guided us with the right treatment. The behaviour was very polite and caring. We are thankful for the support.
Despaired after my accident, Dr. Ankur Saurav gave me hope and bolstered my confidence to work again like pre-accident.
My nerve problem is cured properly. Very thankful to Dr. Ankur Saurav.
Improvement is very fast through the doctor. Excellent orthopedic care.
Very good doctor. Recovery rate very fast.
Ankur sir is a great doctor. Fully satisfied with the treatment.
Very good doctor. Highly recommended in Ranchi.
Good treatment, thank you so much.

आर्थ्रोस्कोपी
सवाल, जवाब सहित।
आर्थ्रोस्कोपी किस काम आती है?
क्या आर्थ्रोस्कोपी एक बड़ी सर्जरी है?
आर्थ्रोस्कोपी में कितना समय लगता है और क्या यह डे-केयर है?
मैं कितनी जल्दी चल सकता हूँ और काम पर लौट सकता हूँ?
क्या की-होल सर्जरी में दर्द होता है?
रांची में आर्थ्रोस्कोपी का खर्च कितना है?
क्या आर्थ्रोस्कोपी स्वास्थ्य बीमा में कवर होती है?
आर्थ्रोस्कोपी के जोखिम या जटिलताएँ क्या हैं?
या अपना स्कैन WhatsApp करें और राय लें
की-होल की सटीकता।
तेज़ रिकवरी।
एक सही मूल्यांकन ही बताता है कि आपके जोड़ के लिए की-होल सर्जरी सही जवाब है या नहीं। मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल, रांची में डॉ. अंकुर सौरव से मिलें, या WhatsApp पर तुरंत संपर्क करें।
मेडीफर्स्ट हॉस्पिटल प्रा. लि.
SubPlot No.2703/1 and 2703/2, Plot No. 2703, Booty Rd, near Suryodaya Apartment, Vijay Nagar, Bariatu, Ranchi, Jharkhand 834012
सोम – शनि: सुबह 10:00 – शाम 7:00
रविवार: सुबह 10:00 – शाम 4:00
★★★★★ 4.9 (226 समीक्षाएँ)
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